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नोटबंदी के चलते इस इंडस्ट्री पर पड़ा असर, भोजपुरी फिल्में नहीं हुई रिलीज
पटना.पीएम नरेंद्र मोदी के बड़े नोट बंद करने के फैसला से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री पर काफी असर पड़ा है। जिसके कारण 5 से 6 फिल्में रिलीज नहीं हो सकी। कई फिल्में के शूटिंग पर भी असर पड़ा है। फिल्म निर्माताओं को डर था कि नोटबंदी के कारण दर्शक सिनेमा हॉल नहीं पहुंचेंगे। जिसके कारण फिल्मों को घटा उठाना पड़ेगा। एक माह में कई फिल्में होती है रिलीज...
भोजपुरी फिल्मों के प्रचारक संजय भूषण पटियाला ने dainikbhaskar.com को बताया कि नोटबंदी के कारण भोजपुरी इंडस्ट्री पर काफी असर पड़ा है। अभी के समय में कोई फिल्म निर्माता रिस्क उठाना नहीं चाहता है। भोजपुरी की साल में 100 से अधिक फिल्में बनती है। इस इंडस्ट्री का कारोबार करीब 100 करोड़ के आसपास है।
किस फिल्मों पर पढ़ा असर
नोटबंदी के असर के कारण पवन सिंह और रानी चटर्जी की फिल्म 'सरकार राज', यश मिश्रा और पूनम दूबे की फिल्म 'रंगदारी टैक्स',खेसारी और काजल की फिल्म 'मेहंदी लगा के रखना', और अविनाश शाही की फिल्म 'सजनवा बैरी भइल हमार' समेत कई फिल्में रिलीज नहीं हो सकी। फिल्म निर्माताओं ने अपने फिल्मों का डेट बढ़ा कर अगले साल कर दिया है।
छोटे सिनेमा हाल का भी हालत खराब
देश के जितने भी छोटे सिनेमा हाल है, उसकी भी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। ऐसे सिनेमा हाल में हिन्दी की बड़ी फिल्में नहीं लगती है। सिनेमा हाल में सिर्फ भोजपुरी सिनेमा ही चलती है। जिसके कारण सिनेमा हाल की कमाई होती है। कम पैसे लगने के कारण दर्शक भी इन सिनेमा हाल में पहुंचते है। दस साल पहले इन सिनेमा हालों की स्थिति बंद करने के कारण पर थी, लेकिन भोजपुरी सिनेमा के कारण ही आजतक चल रहे है। फिलहाल कई सिनेमा हाल पुराने फिल्मों को दर्शकों को दिखा रहे है।

Source : Film PRO Sanjay Bhushan Patiala Social media post and dainikbhaskar.com
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