19 Dec 2016

पिताजी को लगता था कि बेटा नालायक हो गया है -रवि किशन

पिताजी को लगता था कि बेटा नालायक हो गया है -रवि किशन

फिल्म स्टार रवि किशन के पास आज धनदौलत और शोहरत की कमी नहीं है। एक फिल्म में बदले उन्हें लाखों रुपए मिलते हैं। कभी वे भूखे पेट सोने को मजबूर थे आज उनके पास BMW है। उन्होंने सफलता की यह मंजिल रवि ने लंबे संघर्ष के बाद पाई है। संजय भूषण पटियाला से बातचीत में रवि ने अपनी कहानी साझा की।
- रवि कहते हैं कि मुझे बचपन से ही एक्टिंग का शौक था। गांव में जब भी नाटक होता तो मैं उसमें रोल करता।
- दिखने में मैं सुंदर था, इसलिए गांव के लोग मुझे ज्यादातर महिला का रोल देते थे।
- मुझ पर तो बस एक्टिंग का भूत सवार रहता था, इसलिए महिला बनने से भी पीछे नहीं हटता था।
- मैं रामलीला में सीता का रोल करता था। पिताजी को पसंद नहीं था कि बेटा पढ़ने-लिखने की जगह नाटक में एक्टिंग करे।
- पिताजी को लगता था कि बेटा नालायक हो गया है। यह अपने जीवन में कुछ नहीं कर पाएगा। खानदान का नाम खराब करेगा।
- इससे नाराज पिताजी मेरी पिटाई कर देते थे। एक दिन गुस्से में आकर उन्होंने मेरी खूब पिटाई कर दी।
- मां ने मुझे बचाने की कोशिश की, लेकिन पिताजी मानने को तैयार न थे। इसके बाद मां ने कहा कि बेटा जान बचाकर यहां से भाग जाओ।
- मां की बात मान मैं घर छोड़कर निकल गया और मुंबई पहुंच गया।
मैं 1990 में मुंबई आया था। यहां न मैं किसी को जानता था और न खाने और सिर छुपाने का कोई ठिकाना था।
- मुझे सबसे पहले पेट की आग शांत करनी थी। दो वक्त की रोटी के लिए मैं रोज काम की तलाश करता।
- काम मिल जाता तो भर पेट खाता, नहीं तो भूखे पेट ही रात बितानी पड़ती। सोकर उठता तो फिर से काम की तलाश में लग जाता।
- तब मेरे पास इतने पैसे भी नहीं होते थे कि बस का टिकट खरीद सकूं। कहीं जाना होता तो पैदल की सफर करता।
थोड़े बहुत पैसे कमाने लगा तो मैंने मुंबई के एक चाल में डेरा जमा लिया। ज्यादातर मैं रात के वक्त दो रुपए का बड़ा पाव खाता था।
- वक्त के साथ भगवान भी मुझ पर मेहरबान हुए और एक साल तक मुंबई में संघर्ष करने के बाद 1991 में फिल्म 'पितांबर' में काम करने का मौका मिला।
- यह फिल्म कुछ खास नहीं चली। इसके बाद मैंने काजोल के साथ फिल्म' उधार की जिंदगी' और शाहरुख खान के साथ फिल्म 'आर्मी' में काम किया।
- इसके बाद टीवी सीरियल हैलो इंस्पेक्टर में काम किया, जिसके बाद लाइफ चलने लगी।
- मैंने सलमान खान के साथ फिल्म 'तेरे नाम' में काम किया, जिसके के बाद मुझे पहचान मिली। इस फिल्म में मैं पंडित जी की भूमिका में था।
- इसके बाद मुझे भोजपुरी की पहली फिल्म 'सईया हमार' में काम करने का मौका मिला। अब तक मैंने भोजपुरी की 350 से अधिक फिल्मों में काम किया है।
- मैंने बिग बॉस में एक डायलॉग 'जिंदगी झंड बा फिर भी घमंड बा' बोला था। इसके पीछे भी कहनी है।
- मैंने यह डायलॉग बिग बॉस 6 के एक प्रतिभागी पर बोला था। मैं उस पर गुस्सा था। उसे पीट तो नहीं सकता था, इसलिए बोलकर ही दिल की भड़ास निकाल ली।
- बिग बॉस से निकलने के बाद मैंने देखा और सुना कि सब लोग यह डायलॉग बोलने लगे थे। लोग मुझसे भी यह डायलॉग बोलने को कहते।
- मैं फिल्म की शूटिंग के वक्त हीरोइनों के ज्यादा करीब हो जाता था। इससे पिताजी को डर लगता था।
- मैंने पिता के पसंद से शादी की है। उन्हें लगता था कि मैं किसी हिरोइन से शादी करूंगा। उन्हें इसकी चिंता होती थी, लेकिन मैंने मां-बाप के पसंद से शादी की।
- जब मैं स्टार बन गया तो पिताजी बहुत खुश हुए। अब उन्हें भी अच्छा लगता है कि लोग उन्हें रवि किशन के पिता के रूप में जानते हैं।
- फिल्मों की शूटिंग, स्टेज शो और अन्य काम के बाद भी मैं अपने परिवार के लिए वक्त निकालता हूं।
- जब भी खाली रहता हूं। घर से बाहर नहीं जाता। पत्नी और बच्चों को कभी मेरी कमी महसूस नहीं होती।
- भोजपुरी भाषा में अश्लीलता बढ़ती जा रही है। इसे रोकने के लिए मैं एक्टर्स से बात करूंगा। मैं सीनियर हूं तो इसके लिए पहला कदम मुझे ही उठाना होगा।
- जब मैं फिल्में बनाउंगा तो लोग परिवार के साथ उसे बे हिचक देख सकेंगे।

Source : Film PRO Sanjay Bhushan Patiala Social media post
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